जंतर-मंतर से दुनिया को मिलेगा स्वस्थ जीवन का संदेश, 74 विदेशी विद्यार्थी करेंगे योग योग दिवस 2026: जयपुर के जंतर-मंतर पर सजेगा अंतरराष्ट्रीय योग मंच



जयपुर, 19 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के तहत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), जयपुर द्वारा आयोजित 100 दिवसीय काउंटडाउन अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को ज़ुम्बा एवं योग रैली का आयोजन किया गया। संस्थान परिसर से बड़ी चौपड़ तक निकाली गई रैली के माध्यम से आमजन को योग, आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।

रैली के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एनआईए के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” के तहत एनआईए जयपुर ने देशभर में 30 से अधिक योग, स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

प्रो. शर्मा ने बताया कि 21 जून को जयपुर के ऐतिहासिक जंतर-मंतर में राज्य स्तरीय सामूहिक योग प्रोटोकॉल अभ्यास एवं मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा आमजन और रोगियों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित की जाती हैं, जिनसे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है और योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है।




उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय अभियान के दौरान भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, राजस्थान पुलिस, रेलवे, विश्वविद्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में योग, तनाव प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. दुर्गावती देवी ने बताया कि योग दिवस के अवसर पर एनआईए की एक विशेष टीम जयपुर वायुसेना स्टेशन में वायुसेना कर्मियों और उनके परिवारजनों के लिए विशेष योग सत्र का आयोजन भी करेगी।





18 देशों के विद्यार्थी बनेंगे आकर्षण का केंद्र

प्रो. दुर्गावती देवी ने बताया कि जंतर-मंतर में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में अध्ययनरत 18 देशों के 74 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी भी भाग लेंगे। नेपाल, थाईलैंड, बांग्लादेश, ब्राज़ील, ईरान, फ्रांस, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, युगांडा, अमेरिका और श्रीलंका सहित विभिन्न देशों से आए विद्यार्थी योग और आयुर्वेद के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य एवं कल्याण का संदेश देंगे।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की सहभागिता “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करते हुए यह दर्शाएगी कि योग और आयुर्वेद सम्पूर्ण मानवता के लिए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की प्रभावी जीवनशैली हैं।

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