जयपुर, 14 जून। द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय युवा कलाकार प्रदर्शनी 2026” का रविवार को (आरआईसी) में सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय कला आयोजन में देशभर से आए युवा कलाकारों, कला विद्यार्थियों, कला विशेषज्ञों और कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना की।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 12 जून को ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कला समीक्षक, क्यूरेटर एवं लेखिका विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सहित कला एवं संस्कृति जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रदर्शनी कैटलॉग का विमोचन किया गया तथा अखिल भारतीय युवा कलाकार पुरस्कार-2026 प्रदान किए गए। देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों के दो चरणों में चयन के बाद उत्कृष्ट कलाकारों को सम्मानित किया गया।
पुरस्कारों में प्रथम स्थान पर इंदौर के को 21 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार हनुमानगढ़ के को 10 हजार रुपये प्रदान किए गए। वहीं तृतीय पुरस्कार के तहत (लखनऊ), (जयपुर), (बरगढ़, ओडिशा) और (उदयपुर) को 5-5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं सम्मान प्रदान किया गया।
इसके अलावा (इंदौर), (जयपुर) तथा (हावड़ा) को ज्यूरी विशेष प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों और कला विद्यार्थियों ने भाग लिया। आगंतुकों ने प्रदर्शित कलाकृतियों की विविधता, संवेदनशीलता और समकालीन दृष्टिकोण की विशेष सराहना की।
ट्रस्ट की संस्थापक ने कहा कि यह आयोजन स्वर्गीय सुरेन्द्र पाल जोशी की कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाने और युवा कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास है। वहीं ट्रस्ट के सचिव ने बताया कि संस्था भविष्य में भी कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे रचनात्मक आयोजनों का संचालन करती रहेगी।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट कला शिक्षा, बाल एवं युवा प्रतिभाओं के विकास और कलाकारों के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जल्द ही एक ग्राफिक आर्ट रेजिडेंसी कार्यक्रम शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है।
तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी ने युवा कलाकारों, कला विशेषज्ञों और कला प्रेमियों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करते हुए समकालीन भारतीय कला के प्रति जागरूकता और सराहना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



