आमजन के साथ18 देशों के अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास*
जयपुर, 21 जून 2026
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), जयपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 के अवसर पर जयपुर के विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक जंतर-मंतर परिसर में बारिश की फुहार के बीच मुख्य योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग) के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, चिकित्सा विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में आमजन ने सहभागिता करते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पांडे, विभिन्न संस्थानों के अधिकारी, चिकित्सक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया गया तथा योग एवं आयुर्वेद आधारित जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि “योग भारत की अमूल्य ज्ञान परंपरा है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक स्तर पर संतुलित बनाती है। स्वस्थ वृद्धावस्था, निवारक स्वास्थ्य देखभाल तथा जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में योग की भूमिका आज विश्व स्तर पर प्रमाणित हो चुकी है। योग और आयुर्वेद मिलकर निरोगी भारत के निर्माण का प्रभावी आधार बन सकते हैं।”
हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु **प्रो. नंदकिशोर पांडे ने कहा कि **“योग भारतीय संस्कृति की वह धरोहर है जिसने सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य और आत्मानुशासन का मार्ग दिखाया है। आज आवश्यकता है कि योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक स्वरूप को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए ताकि स्वस्थ एवं जागरूक राष्ट्र का निर्माण हो सके।”
संस्थान के योग एवं स्वास्थ्य विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर दुर्गावती देवी ने बताया राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा आमजन एवं रोगियों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं तथा आगामी वर्ष में योग एवं आयुर्वेद आधारित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का और विस्तार किया जाएगा।
संस्थान स्वस्थ वृद्धावस्था, जीवनशैली जनित रोगों की रोकथाम तथा समग्र स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहलें प्रारम्भ करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में अध्ययनरत 18 देशों के अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की सहभागिता रही। नेपाल, थाईलैंड, बांग्लादेश, नीदरलैंड, ब्राज़ील, अमेरिका, श्रीलंका, केन्या, तंजानिया, घाना, नाइजीरिया सहित विभिन्न देशों से आए विद्यार्थियों ने योगाभ्यास में भाग लेकर भारतीय योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता को प्रदर्शित किया। जंतर-मंतर से इन विद्यार्थियों ने “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ विश्व समुदाय को स्वास्थ्य, शांति एवं समग्र कल्याण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन में अपनाने तथा स्वस्थ, सक्रिय एवं निरोगी भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
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