जयपुर। राजस्थानी संस्कृति, विरासत और पारंपरिक पहनावे को सेलिब्रेट करने के उद्देश्य से जयश्री ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मानसरोवर स्थित जयश्री ज्वैलर्स शोरूम में ‘घूमर उत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने राजस्थानी परिधानों में सज-धजकर हिस्सा लिया और राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति, पहनावे और लोक कला की खूबसूरत झलक पेश की।
कार्यक्रम का आयोजन 23 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक किया गया। आयोजन के बाद अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए हाई-टी का भी आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
राजस्थानी परिधानों में नजर आईं महिलाएं
‘घूमर उत्सव’ में महिलाओं ने अपने पारंपरिक राजस्थानी परिधानों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रंग-बिरंगे राजस्थानी परिधानों और पारंपरिक अंदाज में पहुंचीं महिलाओं ने कार्यक्रम को खास बनाया। आयोजकों की ओर से प्रतिभागियों को अपनी पसंदीदा राजस्थानी पोशाक में आने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में कल्चरल वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने राजस्थानी पहनावे और संस्कृति को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। कल्चरल वॉक में विजेता के साथ फर्स्ट रनर-अप और सेकंड रनर-अप का चयन किया गया।
डांस प्रतियोगिता ने बांधा समां
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण डांस प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों ने राजस्थानी संस्कृति और लोक परंपरा से जुड़े नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डांस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता के साथ ही महिलाओं के उत्साह और प्रतिभा को देखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में विशेष टाइटल अवॉर्ड भी दिए गए। इनमें ‘फुतरा बाईसा’, ‘बेस्ट राजपूती ड्रेस’, ‘थीखी मिर्ची बाईसा’ और ‘ऑल राउंडर बाईसा’ जैसे टाइटल शामिल रहे।
खास मेहमानों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
कार्यक्रम में जयश्री ज्वैलर्स के ओनर अवंत जैन और उनके बेटे यश जैन मौजूद रहे। उनके साथ कई विशेष अतिथियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
कार्यक्रम में नीरू बाईसा, जया (नम्रता) राठौड़, रेनू राठौड़, रोशन खंगारोत और बबली राठौड़ बतौर गेस्ट शामिल हुए। वहीं इन्फ्लुएंसर कमल नाथावत भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और राजस्थानी संस्कृति को समर्पित इस आयोजन की सराहना की।
राजस्थान की विरासत को सेलिब्रेशन के जरिए किया प्रस्तुत
‘घूमर उत्सव’ के माध्यम से राजस्थान की ग्रेस, हेरिटेज और स्पिरिट को सेलिब्रेट किया गया। कार्यक्रम में राजस्थानी पहनावे, लोक संस्कृति, नृत्य और पारंपरिक अंदाज को एक मंच पर लाया गया।
आयोजकों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और पारंपरिक अंदाज को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद हाई-टी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। ‘घूमर उत्सव’ में शामिल प्रतिभागियों ने राजस्थान की परंपराओं और संस्कृति के साथ जुड़कर आयोजन को यादगार बनाया।



