*जयपुर, 10 जून।* पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर की पहल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन जनसुनवाई ग्रामीणों के लिए राहत का प्रभावी मंच बनकर सामने आई। कोटा जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित डीओआईटी केंद्र से बुधवार को आयोजित इस जनसुनवाई के माध्यम से प्रदेश की सात चयनित ग्राम पंचायतों के लोगों ने सीधे मंत्री से संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं और त्वरित समाधान प्राप्त किया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मंत्री श्री दिलावर द्वारा शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के परिवादों का त्वरित निस्तारण किया गया तथा अन्य संबंधित विभागों के परिवादों के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर परिवादियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिकायतों के निस्तारण के लिए स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए तथा वृद्धावस्था पेंशन के प्रकरणों का भी तत्काल निस्तारण कराया गया। वहीं डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत में सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियों को हटाने के निर्देश देकर आमजन को राहत दिलाई गई।
मंत्री श्री दिलावर ने महिला, बुजुर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनकी यह संवेदनशील कार्यशैली ग्रामीणों के प्रति सरकार की जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह विशेष ऑनलाइन जनसुनवाई ग्रामीण क्षेत्रों तक सुशासन और त्वरित प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक अभिनव एवं सराहनीय पहल साबित हुई है। इससे न केवल आमजन का समय और संसाधनों की बचत हुई, बल्कि उन्हें अपने गांव से ही सीधे मंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर भी मिला।
इस विशेष जनसुनवाई में राजसमंद जिले की पिपलांत्री, बारां जिले की कवाई, बीकानेर जिले की पांचू, चित्तौड़गढ़ जिले की मंडफिया, पाली जिले की सिंगरी, जयपुर जिले की दहमी कलां तथा डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा ग्राम पंचायतें शामिल रहीं।
जनसुनवाई में संबंधित जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), ग्राम विकास अधिकारी, संबंधित तहसीलों के तहसीलदार, पटवारी, अभियंता, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहें।