बाड़मेर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्यप्रदेश प्रभारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्र में 50 किलोमीटर दायरे में की जा रही कार्रवाई को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि थार की अपणायत, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द इस क्षेत्र की पहचान है तथा इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसके नाम पर किसी राजनीतिक एजेंडे को लागू करना उचित नहीं है।
हरीश चौधरी ने कहा कि इस सीमावर्ती क्षेत्र का इतिहास पूर्वजों के बलिदान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान से जुड़ा रहा है। हमारे पूर्वजों ने देशहित में अपनी कुर्बानियां दी हैं और इस क्षेत्र का सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में पहले 15 किलोमीटर और बाद में अब 50 किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर गैर संवैधानिक व बिना कानून नोटिस दिए जा रहे है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में देश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बॉर्डर क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया जा रहा है। देश का किसान बढ़ती लागत, महंगे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों से परेशान है, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है तथा परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। व्यापार और छोटे व्यवसाय भी लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक का दायरा निर्धारित किए जाने से क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली कई सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 किलोमीटर क्षेत्र में लोगों को चिन्हित कर कानून और संविधान की भावना के विपरीत नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद किए बिना कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि फागलिया पंचायत समिति क्षेत्र में भलगांव सरपंच के पुत्र के साथ दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने तथा धनाऊ क्षेत्र में एक आदिवासी भील सरपंच को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। यह केवल दो पंचायतों की बात नहीं है, बल्कि कई स्थानों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि बिना जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से संवाद किए की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक भावना के अनुरूप नहीं है।
हरीश चौधरी ने कहा कि कुछ ताकतें जाति, धर्म और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर थार के भाईचारे को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत इस क्षेत्र की अपणायत और सामाजिक सौहार्द को समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि थार के लोग हर कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन भाईचारे और सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।
उन्होंने पत्रकारों और आमजन से अपील करते हुए कहा कि देशहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। बॉर्डर क्षेत्र हमेशा शांति, भाईचारे और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है तथा इसे राजनीतिक विवादों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने हमेशा देश की सुरक्षा और एकता के लिए योगदान दिया है, इसलिए उनके सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस अवसर पर बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल, पूर्व मंत्री गफूर अहमद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, पूर्व विधायक चौहटन पदमाराम मेघवाल, गडरारोड़ निवर्तमान प्रधान सलमान खान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कड़वासरा सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।